पञ्च तत्त्वों की समग्र तालिका: अंग, समय, रंग, स्वाद और ऊर्जा

पञ्च तत्त्वों की समग्र तालिका: अंग, समय, रंग, स्वाद और ऊर्जा

पञ्च तत्त्वों की समग्र तालिका: अंग, समय, रंग, स्वाद और ऊर्जा

पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश—इन पाँच तत्त्वों का वर्णन योगिक एवं आध्यात्मिक परम्पराओं में मिलता है। तत्त्वों के माध्यम से प्रकृति, जीवन और ऊर्जा के विभिन्न गुणों को समझाया जाता है।

प्रस्तुत लेख में आपके दिए तत्त्व-वर्गीकरण के अनुसार अंगों, मौसम, समय, रंग, स्वाद, भावनाओं और जीवन की अवस्थाओं के संबंध एक जगह संकलित किए गए हैं। ये संबंध इस विशिष्ट पद्धति की व्याख्या हैं; इन्हें शरीर-विज्ञान के स्थापित संबंधों के रूप में नहीं पढ़ा जाना चाहिए।

इस तालिका में अग्नि तत्त्व के दो पक्ष—प्रथम और द्वितीय—अलग रखे गए हैं। इसलिए पाँच तत्त्वों का विवरण छह स्तम्भों में दिखाई देता है।

पञ्च तत्त्वों की विस्तृत तालिका

विषयपृथ्वी तत्त्वजल तत्त्वअग्नि तत्त्व—प्रथमअग्नि तत्त्व—द्वितीयवायु तत्त्वआकाश तत्त्व
मुख्य अंगआमाशय, अग्न्याशय, तिल्लीगुर्दे, मूत्राशयहृदय, छोटी आँतमस्तिष्क, मेरुदण्डयकृत, पित्ताशयफेफड़े, बड़ी आँत
संवेदी अंग एवं संबंधित संरचनाएँमुँह, होंठ, मांसपेशियाँकान, अस्थियाँ, नाखूनजीभ, रक्त वाहिनियाँजननांग, तंत्रिका तंत्रआँखें, मांसपेशियाँ, जोड़, साइनस, कण्डराएँनाक—गन्ध; त्वचा—स्पर्श
मौसमबरसातशीत ऋतुगर्मीगर्मी—शरद, पतझड़
दिन का समयसुबह 7–11 बजेदोपहर 3–शाम 7 बजेसुबह 11–दोपहर 3 बजेशाम 7–रात 11 बजेरात 11–सुबह 3 बजेसुबह 3–7 बजे
महीनेजुलाई–अगस्तनवम्बर–दिसम्बरमार्च–अप्रैलमई–जूनजनवरी–फरवरीसितम्बर–अक्टूबर
रंगपीलानीला, कालालालनारंगी, गुलाबीहरासफेद, कत्थई, स्लेटी
स्वादमीठानमकीनतीखा, मसालेदारचटपटाखट्टाकसैला, कड़वा
स्वभाव एवं भावनाएँसुस्ती, फैलाव, समझदारीडर, चिंताजोश, उत्साह, उमंगजोश, उत्तेजनाचंचलताउदासी, रूखापन, शोक
ध्वनिगानाकराहनातेज हँसीतेज हँसीचिल्लानारोना
गन्ध—सड़ी हुई गन्ध——बासी तेल या वसा जैसी गन्धसड़न जैसी गन्ध
जीवन की आयु36–48 वर्ष60 वर्ष से जीवन के अंत तक12–24 वर्ष24–36 वर्ष0–12 वर्ष48–60 वर्ष
चक्र—मूलाधारविशुद्धिआज्ञाअनाहतस्वाधिष्ठान
ऊर्जाआर्द्रताशीतलतागर्मीउग्र गर्मीवायुशुष्कता
मुख्य गुणआधार, पोषण, भारीपन, कठोरता, सहनशीलतातरलता, संरक्षणवृद्धि, विकास, क्रियाशीलतातीव्र क्रियाशीलतागति, परिवर्तनहल्कापन, विस्तार

शब्दार्थ: अग्न्याशय—पैंक्रियाज; तिल्ली—स्पलीन; यकृत—लीवर; पित्ताशय—गॉल ब्लैडर; कण्डराएँ—टेंडन। तालिका में “—” का अर्थ है कि मूल सामग्री में उस संबंध का उल्लेख नहीं दिया गया है।


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पाँचों तत्त्वों को सरल भाषा में समझें

1. पृथ्वी तत्त्व: आधार और पोषण

पृथ्वी तत्त्व के मुख्य गुण आधार, पोषण, भारीपन, कठोरता और सहनशीलता हैं। प्रस्तुत तालिका में इसे आमाशय, अग्न्याशय और तिल्ली से जोड़ा गया है।

इसका रंग पीला, स्वाद मीठा और ऊर्जा आर्द्रता बताई गई है। बरसात, जुलाई–अगस्त और सुबह 7–11 बजे का समय इसके अंतर्गत रखा गया है। जीवन की अवस्थाओं में इसका संबंध 36–48 वर्ष से दर्शाया गया है।

2. जल तत्त्व: तरलता और संरक्षण

जल तत्त्व तरलता, संरक्षण और शीतलता का प्रतीक है। इस वर्गीकरण में गुर्दे और मूत्राशय इसके मुख्य अंग हैं। कान, अस्थियाँ और नाखून भी इसी श्रेणी में रखे गए हैं।

नीला और काला इसके रंग हैं तथा नमकीन इसका स्वाद है। शीत ऋतु, नवम्बर–दिसम्बर और दोपहर 3–शाम 7 बजे का समय इसके साथ दर्शाया गया है। चक्रों में इसे मूलाधार से जोड़ा गया है।

3. अग्नि तत्त्व—प्रथम: वृद्धि और उत्साह

अग्नि के प्रथम पक्ष में वृद्धि, विकास, क्रियाशीलता, जोश और उमंग प्रमुख हैं। तालिका में हृदय, छोटी आँत, जीभ और रक्त वाहिनियाँ इस पक्ष से संबंधित हैं।

लाल रंग, तीखा एवं मसालेदार स्वाद तथा गर्मी इसकी विशेषताएँ हैं। मार्च–अप्रैल, सुबह 11–दोपहर 3 बजे और 12–24 वर्ष की अवस्था इसके अंतर्गत रखी गई है। इसका चक्र-संबंध विशुद्धि से दर्शाया गया है।

4. अग्नि तत्त्व—द्वितीय: तीव्र क्रियाशीलता

अग्नि का द्वितीय पक्ष तीव्र क्रियाशीलता, उत्तेजना और उग्र गर्मी के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इसमें मस्तिष्क, मेरुदण्ड, जननांग और तंत्रिका तंत्र का उल्लेख है।

नारंगी और गुलाबी इसके रंग हैं तथा चटपटा इसका स्वाद है। मई–जून, शाम 7–रात 11 बजे और 24–36 वर्ष की अवस्था इस पक्ष से जुड़ी हैं। चक्रों में इसे आज्ञा से संबंधित बताया गया है।

5. वायु तत्त्व: गति और परिवर्तन

वायु तत्त्व के प्रमुख गुण गति, परिवर्तन और चंचलता हैं। इस तालिका में यकृत और पित्ताशय इसके मुख्य अंग हैं। आँखें, मांसपेशियाँ, जोड़, साइनस और कण्डराएँ भी इसी श्रेणी में आती हैं।

हरा इसका रंग और खट्टा इसका स्वाद है। जनवरी–फरवरी, रात 11–सुबह 3 बजे और जन्म से 12 वर्ष तक की अवस्था इसके अंतर्गत रखी गई है। इसका संबंध अनाहत चक्र से दर्शाया गया है।

6. आकाश तत्त्व: हल्कापन और विस्तार

आकाश तत्त्व हल्कापन और विस्तार का प्रतीक है। प्रस्तुत वर्गीकरण में फेफड़े और बड़ी आँत इसके मुख्य अंग हैं। नाक के साथ गन्ध तथा त्वचा के साथ स्पर्श का उल्लेख किया गया है।

सफेद, कत्थई और स्लेटी इसके रंग हैं। कसैला एवं कड़वा स्वाद तथा शुष्कता इसकी विशेषताएँ हैं। शरद ऋतु, पतझड़, सितम्बर–अक्टूबर और सुबह 3–7 बजे का समय इसके अंतर्गत है। जीवन की अवस्था में 48–60 वर्ष और चक्रों में स्वाधिष्ठान का संबंध दिया गया है।

तालिका का अध्ययन कैसे करें?

तालिका को समझने के लिए पहले किसी एक तत्त्व का स्तम्भ चुनें। फिर उसके अंग, रंग, स्वाद, समय, ऊर्जा और मुख्य गुण क्रम से पढ़ें। इससे उस तत्त्व के लिए दिए गए सभी संबंध एक साथ स्पष्ट हो जाते हैं।

तुलना करते समय अग्नि के प्रथम और द्वितीय पक्षों का अंतर ध्यान में रखें। इसी तरह दिन का समय, महीने और जीवन की आयु अलग-अलग श्रेणियाँ हैं; प्रत्येक को उसकी अपनी पंक्ति में पढ़ें।


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